BHU Cyber Library में होती छात्रों की दुर्दशा!!



BHU VC Email:- vc@bhu.ac.in

Subject: Urgent Request for Expansion and Renovation of Library Facilities

Dear Sir,

I hope this message finds you well. I am writing to bring to your attention an urgent issue concerning the BHU Cyber Library. The current capacity is insufficient to accommodate the large number of students who rely on this facility.

Despite arriving as early as 06:30 AM, many students are unable to secure a seat due to the overwhelming demand. This situation not only hinders our academic productivity but also causes significant stress and frustration.

To address this pressing issue, we kindly request the immediate opening of the new library building. Additionally, we urge you to consider the renovation of the existing faculty library to better accommodate the growing student population. It is also essential to equip the Faculty library with air conditioning to create a comfortable and conducive study environment.

Taking these steps will greatly enhance the learning experience for students and ensure that we have access to the necessary resources in a comfortable setting.

Thank you for your attention to this matter. We look forward to your prompt action and positive response.

Best regards,

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अपनी भागीदारी दिखाई, आपका एक मेल बहुत बड़ा Impact ला सकता है।


नमस्कार दोस्तों, उम्मीद करता हूँ आप बहुत अच्छे होंगे। खैर मुद्दे पर जल्दी से आते है, ना तो पता चले गर्मी से इसे भी लू लग जाय और यह मुद्दा भी ख़त्म हो जाय।

हमारा प्यारा साइबर लाइब्रेरी!

BHU साइबर लाइब्रेरी की स्थापना 2012 में हुई थी। तब से आज तक में काफ़ी बदलाव आए है। आज इसमें अच्छे कंप्यूटर की व्यवस्था है। इसमें वह सभी कुछ हो सकता है जो एक अच्छा कंप्यूटर करने के कैपेबल है और Free High Speed WI-FI तो है ही, इसी के साथ साइबर लाइब्रेरी में आपको AC भी देखने को मिल जाती है। जो लाइब्रेरी को ठंडा और माहौल को गर्म रखता है।

साइबर लाइब्रेरी में सीट की कमी [Lack of resources] 

साइबर लाइब्रेरी में लगभग 500 सीट है। लेकिन पूरे BHU में लगभग 30 हज़ार से ज़्यादा स्टूडेंट्स है। इसका तात्पर्य यह है कि 100% स्टूडेंट्स में से केवल 1.6% स्टूडेंट्स ही साइबर लाइब्रेरी का उपयोग कर पाएंगे। बाक़ी के छात्रों को क्या करना चाहिए? क्योंकि सब के पास लैपटॉप और फ़्लैट तो है नहीं!

साइबर लाइब्रेरी के बेतुके नियम

हमारा देश सन् 1947 में आज़ाद हुआ था। फिर आरक्षण लागू हुआ। यह एक short term solution था जो कब long term solution कब बन गया पता ही नहीं चला खैर बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों का मानना है कि आरक्षण की जगह लोगों को रिसोर्सेस देना एक बेहतर विकल्प था। जैसे नौकरी, स्कूल और अच्छी न्याय व्यवस्था। खैर ऐसे दिन तो आए नहीं, अच्छे दिन आएँगे एसी कामना कर लेते है। बाकी आरक्षण एक अपना इतिहास रहा है।

#1) 15 मिनट नियम

इस नियम के अनुसार आप 15 मिनट तक सीट पर नहीं रहते है, और दूसरा छात्र उस सीट पर Claim कर के 15 मिनट तक बैठता है तो Claim किए गए छात्र का उस सीट पर अधिकार है।

यह कभी-कभी एसा मालूम चलता है कि जैसे दो छात्र पढ़ाई के लिए आपस में लड़ रहे हैं। यह लड़ाई केवल पढ़ाई या उनके सपने पूरे करने के है यह वही बता सकते है। हालांकि छात्रों के लिए BHU एक ड्रीम कॉलेज है। 

खैर 15 मिनट नियम का सबसे बड़ा दुष्प्रभाव यह है कि वह ना तो आपको Health Center से दवाई लाने देता है और ना ही दोपहर का भोजन करने देने हॉस्टल जाने देता है। मैने इसे बहुत निकट से अनुभव किया है, तो में इसे बता सकता हुं। एक बार health Centre मैं ख़ुद को दिखाने चला गया था, आया तो फिर सीट Claim हों चुकी थी।

में अपने पूर्व छात्रों से पूछना चाहता हूँ जब ऐसा नियम आया तो उन्होंने क्यों कुछ नहीं किया। छात्रों का केवल एक सीट के लिए आपस में लड़ना, लड़ना नहीं है। बल्कि लड़ा देना है।

#2) 30 minutes तक बैठने का नियम

आप जब 7 या 7: 30 से लाइन में लगे हो फिर जब 8: 05 के आस पास तक आपको सीट मिलती है तो यक़ीन मानिए आपको बहुत तेज़ से प्यास लगी होती है। क्योंकि आप एक लंबा सफ़र तय कर के भी आए होते है। इसके बावजूद आपको आधे घंटे तक बैठना होगा। अगर आप पानी पीने चले जाए तो फिर आपकी सीट भी चली जाएगी! छात्र अपने मनपसंद सीट के लिए 6 बजे से नहीं बल्कि सुबह के 5 से ही लाइन में लग जाते है। 

यह नियम इसलिए बना है ताकि अन्य छात्रों के साथ अन्याय ना हो, पर यह कौन बताये की छात्रों के साथ कितना अन्याय हो रहा है। खैर यहाँ पर अर्थशास्त्र का मांग का नियम ( Law Of Demand) काम करता है। अर्थात जो चीज़ जितनी कम होगी उतना उसकी मांग बढ़ेगी। 

#3) वह आपका छूटा हुआ कीमती सामान जमा नहीं करेंगे।

अगर किसी सीट पर ग़लती से किसी छात्र का समान जैसे चार्जर, एयरपोड्स या id card छूट जाता है और आप एक सभ्य छात्र होने के नाते यह सुरक्षा कर्मचारी को देंगे वे नहीं लेते है। छात्रों के चीजों की accountability नहीं लेने का उनका सबसे सही तरीक़ा है। वे कहते है जो जहाँ की चीज हैं वहीं रख दो। और खो जाए तो जिम्मेदारी किसी की नहीं ! कितना अच्छा उपाय है। 

इस मामले में एक बार एक छात्रा का air pods छूट गए और फिर वह कभी मिले नहीं।

#4) हँसी मज़ाक और ठिठोली 



यह रूटीन काम है। किसी छात्र / छात्रा का सीट क्लेम होना, थोड़ी बहस और पूरी लाइब्रेरी खड़ा होके, मारो मारो, पीटो-पीटो चिल्लाने लगना शायद यह मूकदर्शक होने का दूसरा वैरायटी है! आह! सभी नहीं करते पर आप इसमें  ख़ुद को गिन सकते है।

#5) Expired Students और अंजान का प्रवेश

जी साइबर लाइब्रेरी में अंजान जिसका BHU से दूर-दूर तक कुछ लेना देना नहीं है वह भी साइबर लाइब्रेरी में आना जाना करते रहते है। वह मुस्कुराते हुए आते है, और मुस्कुराते हुए जाते है। बाक़ी BHU के पास आउट स्टूडेंट्स को इस मामले में सोचना चाहिए।

#6) कंप्यूटर की दशा और दिशा

आपको यहाँ पर अच्छे कंप्यूटर तो देखने को मिल जायेंगे। कई महीनों से ख़राब कंप्यूटर भी अपनी स्थिति बयां कर रहे होते है। सभी कंप्यूटर का रेगुलर मैंटेनस की जरूरत होती है। और यह करना भी जरूरी है। इसके बावजूद भी कुछ किया नहीं जाता केवल उसे उसके हाल पर छोड़ दिया जाता है। और इस प्रकार से दिन पर दिन उसका हाल और ख़राब होते चला जाता हैं।

BHU प्रशासन की नींद कब टूटेगी?

छात्रों का एक सीट के लिए आपस में लड़ना आज से नहीं कई साल से चला आ रहा हैं। क्या BHU प्रशासन को यह पसंद है? क्योंकि इसको रोके जाने के लिए कुछ बेहतर और अच्छा तो किया नहीं जा रहा है।

बहुत सारे स्टूडेंट्स साइबर लाइब्रेरी में ज़मीन पर बैठ कर पढ़ते है। BHU प्रशासन देखता है और देख कर चले जाते है। हम उन 1% स्टूडेंट्स में से है जिन्हें देश की टॉप यूनिवर्सिटी काशी हिंदू विश्विद्यालय में पढ़ने का अवसर प्राप्त हुआ है। परन्तु यहाँ की ऐसी स्थिति देखना दुख दायक है।

नयी लाइब्रेरी जल्दी से जल्दी खुले साथ ही फैकल्टी की लाइब्रेरी में भी AC और Renovations हो उसके लिए हमारे अपने VC को मेल करे।

  1. मेल करे उनके लिए जो इस तपती गर्मी में भी धुप में खड़े रहते है। 
  2. मेल करे उनके लिए जो पढ़ने तो आते है पर  साइबर लाइब्रेरी में, सीट ना होने के चलते वापिस चले जाते है। 
  3. मेल करे उनके लिए जो छात्र शाम में आते है, सीट क्लेम करने के बजाये वह इन्तजार करते है और खाली हुए सीट पर बैठते है। 
  4. मेल करे उनके लिए सीट ना होने के चलते फर्श पर बैठ कर पढ़ते है। 
  5. मेल करे ताकि छात्र आपस में सीट के लिए ना लड़े। 
  6. मेल करे ताकि नयी लाइब्रेरी जल्दी से जल्दी खुले .
  7. मेल इसलिए भी करे ताकि फैकल्टी के लाइब्रेरी में भी AC की व्यवस्था की जाए .
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4 टिप्पणियाँ

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Unknown
admin
5 जून 2024 को 10:31 am बजे ×

It's nice that someone finally addressed the problem. Keep doing such work.🙏

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6 जून 2024 को 8:14 pm बजे ×

Please open new library as soon as possible because after standing 2 hours in line it is very difficult to study whole day for us

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Unknown
admin
7 जून 2024 को 7:23 pm बजे ×

नई लिब्रेर जल्द से जल्द खुलनी चाहिए जिससे छात्र अपनी पढाई कर सके ऐसे छात्रों को समय से काफी पहले आना होता हैं जिससे बच्चे को भूख प्यास बहुत सारी समस्याओं का सामना करना होता हैं

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